आईजीआरएस रैंकिंग में गिरावट पर जिलाधिकारी सख्त — 24 अधिकारियों का वेतन रोका, स्पष्टीकरण तलब
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कहा — आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण हो गुणवत्तापूर्ण व संतुष्टिपरक, शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है पारदर्शी समाधान
मेरठ, 13 अक्टूबर 2025।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में आईजीआरएस (जन शिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समीक्षा के दौरान जनपद की रैंकिंग में गिरावट पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराज़गी जताई और 24 अधिकारियों का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश जारी किए। साथ ही सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।


जिन विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें आवास एवं विकास परिषद, वाणिज्य कर विभाग, मंडी समिति, समाज कल्याण, परिवहन, स्वास्थ्य, विद्युत, दुग्ध विकास, पंचायत, चकबंदी, बाल विकास एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
डॉ. सिंह ने कहा कि आईजीआरएस मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। शिकायतों के समाधान में लापरवाही अस्वीकार्य है। सभी विभागीय अधिकारी समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी स्वयं शिकायतों की नियमित मॉनीटरिंग करें ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
बैठक में सीडीओ नूपुर गोयल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी, सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट नवीन श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना संतोष कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि नीलेश चौरसिया, पीडी डीआरडीए सुनील कुमार सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

