किसानों की आवाज़ और तेज़—गुरनाम सिंह चढूनी ने दिया संगठन को साथ, राहत अली की नेतृत्व क्षमता की सराहना
मेरठ/सिंधावली। किसान यूनियन चढूनी ने आज ग्राम सिंधावली में एक महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें संगठन की ताकत, विस्तार और किसान हितों के संघर्ष को नई दिशा दी गई। इस बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने अपने प्रभावशाली संबोधन में कहा कि—
“किसान अब जाग चुका है, और जब किसान खड़ा होता है, तब सत्ता भी उसकी ताकत को स्वीकार करती है।”
बैठक के दौरान चढूनी ने संगठन में अहम भूमिका निभाने वाले राहत अली की खुलकर सराहना की और उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि राहत अली किसानों की समस्याओं को बेखौफ आवाज़ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मठ और जुझारू नेताओं की वजह से किसान यूनियन चढूनी दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रही है।
इस अवसर पर अमन मुखिया, तहजीब मुखिया, शादाब मुखिया, समीर मुखिया, नावेद मुखिया और नईम मुखिया को भी संगठन की रीढ़ बताते हुए जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। चढूनी ने कहा कि ये सभी युवा नेतृत्व किसान संघर्ष की नई पहचान बनेंगे और गांव-गांव में किसान एकता की मशाल जलाएंगे।
सभा में दर्जनों किसानों ने उत्साह के साथ भाग लिया और एक स्वर में कहा कि
“अब किसान झुकने वाला नहीं… जो हक है, वह लेकर रहेगा!”
कार्यक्रम के दौरान यह भी तय किया गया कि संगठन पूरे क्षेत्र में किसानों की समस्याओं—जैसे आवारा पशुओं का आतंक, मुआवज़े में लापरवाही, सड़क व बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी—के खिलाफ निर्णायक रूप से लड़ाई लड़ेगा।
चढूनी ने अंत में संदेश दिया—
“हम किसी राजनीतिक मंच नहीं, किसानों की अदालत से बोलते हैं… और इस अदालत में अन्याय का फैसला कभी नहीं होता।”
सभा जयघोषों के साथ समाप्त हुई—
“किसान यूनियन चढूनी ज़िंदाबाद”, “किसान एकता अमर रहे”, “राहत अली आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं”



