पंचकल्याणक महामहोत्सव में चतुर्थ दिवस तीर्थंकर बालक आदिनाथ का 1008 कलशो से जन्मभिषेक
आज पंचकल्याणक महामहोत्सव में अभिषेक शांति धारा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ सेवा समिति के चेयरमैन श्री वीरेंद्र जैन जी (पुष्प ज्वेलर्स) ने अतिथियों का स्वागत सम्मान किया उपाध्याय श्री अपने उद्बोधन में बताया कि तीर्थंकर आदिकुमार के जन्म समय एक क्षण को नारको में भी शांति छा गई थी सौधर्म इंद्र का सिंहासन कंपयमान हो गया था सोधर्म इंद्र ने अवधी ज्ञान से जाना की तीर्थंकर जन्म ले चुके हैं उन्होंने साक्षात प्रणाम किया उन्होंने अपनी सच्ची इंद्राणी से माता मरु देवी के पास से तीर्थंकर बालक को लेकर आने के लिए कहा सचि इंद्राणी ने माता को सुला कर उनके बराबर में मायावी बालक को लिटा दिया और साक्षात तीर्थंकर आदिकुमार को लेकर आ गई और सौधर्म को बड़ी मिन्नतों के बाद बालक आदि कुमार को सोप दिया सोधर्म इंद्र भगवान को 1008 नेत्रों से निहारते हैं और उन्हें भरत क्षेत्र में स्थित सुमेरु पर्वत पर ले जाकर क्षीर सागर के शुद्ध जल से 1008 कलशो से पांडकशिला पर विराजमान बालक आदिनाथ का जन्मभिषेक मानते हैं। यात्रा में सर्वप्रथम महोत्सव बैनर 5 जैन ध्वज चार घोड़े दो ऊंट सवार 11 झांकियां 21 बगिया इंद्राणी सहित पांच बैंड बाजे नपीरी शहनाई हाथी पर सवार कुबेर इंद्र इंद्राणी द्वारा पूरे रास्ते रतनो की वर्षा करते हुए सोधर्म इंद्र ऐरावत हाथी पर सवार होकर बालक आदिकुमार को लेकर चले। यात्रा का बहुत सारी जगह धर्म प्रेमियों ने स्वागत किया बालक आदि कुमार की आरती करी।
जन्मभिषेक का जुलूस रथ यात्रा के रूप में दिल्ली रोड मेट्रो प्लाजा किशुनपुरी शारदा रोड होते हुए वापस पनडु्कशीला स्थल पर पहुंची प्रतिष्ठाचार्य जी ने आज की सभी धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई।कार्यक्रम में मंदिर पुणयार्जक परिवार चेयरमैन श्री वीरेंद्र कुमार जैन पुष्प ज्वेलर्स श्री प्रदीप जैन जी दीपक जैन ऋषभ जैन जी अजय जैन आलोक जैन विपिन जैन संजीव जैन (प्रवक्ता)संजय जैन कलश अभिनव जैन प्रदीप जैन मुकेश जैन संजीव जैन पंप वाले प्रथम जैन जी आनंद जैन जी आदि उपस्थित रहे मंगल आरती व शास्त्र सभा के साथ इंद्र दरबार,तत्वचर्चा गीत नृत्य, सोधर्म इंद्र का तांडव नृत्य तीर्थंकर आदि कुमार का पालना झूलाना,बाल क्रीडा का अद्भुत मनोहरी मंचन महोत्सव संपन्न हुआ।






