“तनाव नहीं, समाधान सीखो” — बेटियाँ फाउंडेशन की पहल से छात्राओं को मिला मानसिक मजबूती का मंत्र

तेज़ रफ्तार जीवनशैली और बढ़ते मानसिक दबाव के बीच छात्राओं को तनावमुक्त व संतुलित जीवन जीने की दिशा दिखाने के उद्देश्य से बेटियाँ फाउंडेशन के तत्वावधान में रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत “तनाव, जीवनशैली एवं मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर एक प्रेरणादायक काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मिस शैला वर्मा ने आज के मुख्य वक्ता सुभारती मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. राहुल बंसल एवं बेटियाँ फाउंडेशन की डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट राधिका अत्री का पौधारोपण कर स्वागत किया।

मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. राहुल बंसल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तेज़ जीवनशैली, बढ़ता पढ़ाई व कार्य दबाव तथा असंतुलित दिनचर्या आज मानसिक तनाव के प्रमुख कारण बन चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तनाव को नज़रअंदाज़ करना भविष्य में गंभीर शारीरिक व मानसिक बीमारियों को जन्म दे सकता है।

डॉ. बंसल ने तनाव से मुक्ति के लिए अपना स्वनिर्मित “6-प स्ट्रेस रिलीविंग फार्मूला” साझा किया, जिसमें —
परामर्श, परिश्रम, प्राणायाम, प्रार्थना, परोपकार और पुस्तक — को नियमित जीवन में अपनाने पर विशेष ज़ोर दिया।
उन्होंने छात्राओं के साथ देशभक्ति व सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर गीत “किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार… जीना इसी का नाम है” भी गुनगुनाया, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।

बेटियाँ फाउंडेशन की डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट राधिका अत्री ने भावनात्मक संबोधन में कहा कि आज की छात्राएँ बाहर से मुस्कुराती दिखती हैं, लेकिन भीतर पढ़ाई का दबाव, परिवार की अपेक्षाएँ और सोशल मीडिया की प्रतिस्पर्धा उन्हें मानसिक रूप से थका देती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसिक रूप से मज़बूत होना हर समय खुश रहना नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं को समझना, स्वीकार करना और ज़रूरत पड़ने पर मदद माँगना है।
“रोना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस की निशानी है,” — यह संदेश छात्राओं के दिल को छू गया।

कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर निवेदिता कुमारी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए जितनी शारीरिक स्वास्थ्य को दी जाती है। तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली ही एक स्वस्थ समाज की सशक्त नींव है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. राहुल बंसल ने छात्राओं के प्रश्नों के उत्तर देकर उन्हें मानसिक संतुलन, तनाव प्रबंधन एवं स्वस्थ जीवनशैली के व्यावहारिक उपाय बताए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्र कल्याण परिषद, बेटियाँ फाउंडेशन की जिला अध्यक्ष राधिका अत्री, जिला एडवाइजर श्रीमती रेणु पाराशर, डॉ. गोपी रमण, कॉलेज की डॉ. अनु रस्तोगी, डॉ. शैला वर्मा सहित अनेक प्राध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह काउंसलिंग सत्र छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

prashantpanwar137@gmail.com

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